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रमेश बिधूड़ी की स्पीच पर हल्ला और ओवैसी की स्पीच पर शांति आखिर ऐसा क्यों।

अभी हाल ही में बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने संसद में अपनी बात के दौरान बीएसपी सांसद दानिश अली को आपत्तिजनक शब्द बोले।

क्या है पूरा मामला : – हाल ही में नए संसद भवन के उद्घाटन का उत्साह पूरे देश में था। परंतु महिला आरक्षण बिल पर अपना पक्ष रख रहे बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी जी को बीच में ही बीएसपी सांसद दानिश अली ने टोका तो इसपर गुस्सा होकर रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली को “मुल्ला” “उग्रवादी” “कटवा” शब्द बोले। जिसके बाद से ही ये मुद्दा सुर्खियों में है। जहां एक तरफ सारा विपक्ष, मीडिया और कुछ संस्थान दानिश अली के पक्ष में खड़े हो गए और रमेश बिधूड़ी जी के विरोध में उतर आए। ( बीएसपी सांसद दानिश अली ने ‘भारत माता की जय’ नारे का मंच पर चढ़कर विरोध किया था और आपत्ति जताई थी। )

विपक्ष से कुछ प्रश्न : – कुछ लोग इस बात पर भी आपत्ति जाता रहें हैं की उस दौरान रमेश बिधूड़ी जी के साथ बैठे बीजेपी के दो अन्य सांसद हस रहे थे। परंतु इस बीच हम एक पुराने मुद्दे को भूल नहीं सकते जहां पर वर्तमान सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने भरे मंच से हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उस समय भी वहां उपस्थित भीड़ ने हिंदू भगवानों के अपमान पर ठहाके लगाकर हंसते रहे और तालियां और सीटियां बजाई। परंतु अगर देखा जाए तो उसी मानसिकता के कई लोग जो हिंदू देवी देवताओं के अपमान पर हंस रहे थे, तालियां और सीटियां बजा रहे थे आज रमेश बिधूड़ी जी का विरोध कर रहे हैं उन्हें संसद से निष्कासित करने और अरेस्ट करने की मांग कर रहे हैं।

यहां तो मात्र एक व्यक्ति के बारे में अपशब्द बोले गए तो सारा वामपंथी जमात दानिश अली के पक्ष में उतर आया और रमेश बिधूड़ी जी पर कार्यवाही की मांग करने लगा। पर जब भरे मंच से 100 करोड़ हिंदुओं के देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई उस व्यक्ति पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। उस समय अकबरुद्दीन ओवैसी विधायक था तो क्या विधानसभा से उसे निष्कासित किया किया? काय उसपर कार्यवाही हुई? नहीं बल्कि वो आज भी राजनीति की मलाई चाट रहा है।

कहीं आप रमेश बिधूड़ी जी के विरोध के चक्कर में उन लोगों के साथ तो नही खड़े जिन्होंने आपके धर्म और देवी देवताओं के अपमान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की और इसे एक सामान्य सी घटना बताया। और आज सिर्फ एक व्यक्ति के ऊपर की गई गलत टिप्पणी पर बिलबिला उठे ।

राहुल गांधी जी इस घटना के बाद तुरंत सांसद दानिश अली के घर उनसे मिलने चले गए और अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। पर ये बात नही भूली जा सकती की जब अकबरुद्दीन ओवैसी ने मंच से हिंदू देवी देवताओं का अपमान किया उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। तो तब क्यूं नहीं हिंदुओं के साथ संवेदनाएं व्यक्त नही की और कार्यवाही की मांग नही की।

– क्या मुस्लिमों के विरुद्ध नफरत, नफरत है और हिंदुओ के विरुद्ध नफरत, सामान्य बात है ?

Posted by – Anirudh Kumar

email – anirudhkumar9625@gmail.com

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