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India become Bharat: क्या देश का नाम ‘India’ से बदलकर ‘भारत’ करने वाली हे सरकार।

आजादी के 76 सालों बाद भी भारत को उसकी असली पहचान नहीं मिल सकी। आजादी के 76 सालों बाद भी भारत आधिकारिक रूप से विदेशियों के दिए नाम से ही विश्व भर में जाना जाता है। विश्व में भारत उस नाम से पाहचना जाता है जिससे उसकी संस्कृति का कोई लेना-देना नही है।

क्या है पूरा मामला : खबर हे की 18 से 22 सितंबर को बुलाए गए विशेष सत्र में केंद्र सरकार संविधान संसोधन कर देश का नाम ‘INDIA’ से ‘भारत’ कर सकती है। बैसे इस बात कोई पुष्टि नहीं की जा सकती, परंतु राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी के G20 देशों के प्रमुखों को भेजे भोज आमंत्रण पत्र पर ‘President of Bharat’ लिखा गया तो इस आमंत्रण पत्र पर बवाल मच गया, कॉंग्रेस पार्टी के कुछ नेता आरोप लगा रही हे की विपक्षी पार्टियों के गठबंधन का नाम ‘I.N.D.I.A.’ रखने से मोदी सरकार डर गई ओर वो देश का नाम ही बदलने वाली हे।


क्या कहा विपक्ष ने : दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरिवल जी ने कहा की – ” अगर ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन का नाम बदलकर भारत रख दें तो क्या सरकार देश का नाम बदलकर ‘BJP’ रख देगी। “


भारत नाम का अर्थ : हजारों वर्षों पुरानी सनातन संस्कृति में हर चीज के मायने हैं, हर चीज का एक विधान हे, हर चीज का एक नियम हे, इसके पीछे गहरा दर्शन और विज्ञान है। तो क्या उस सनातन परंपरा ने अपने राष्ट्र के नाम रखने की बात आई हो तो क्या कोई सोच विचार नहीं होगा। राष्ट्र के महान दार्शनिकों ने ये बताया की – ‘भ’ का अर्थ ‘भाव’, ‘र’ का अर्थ ‘राग’ और ‘त’ का अर्थ ‘ताल’ है तभी हम इस राष्ट्र को भारत बोलते हैं।

कब-कब बदला भारत का नाम : सेंकड़ों वर्षों तक इस देश की पहचान भारत नाम से ही रही इसके बाद मध्ययुग में जब यहाँ तुर्क और ईरानी आए और उन्होंने सिंधु घाटी से प्रवेश किया तो वे लोग ‘स्’ अक्षर का उच्चारण ‘ह’ से करते थे इस तरह सिंधु का अपभ्रंश ‘हिन्दू’ हो गया, इसी से देश का नाम हिंदुस्तान हो गया। फिर जब अंग्रेज भारत आए तो उन्होंने सिंधु घाटी को indus valley कहा ओर उसे इंडस वेली से देश का नाम India कर दिया। जब देश पर बाहरी ताकतों का शासन था तो उन्होंने अपनी सहूलियत के हिसाब से देश का नाम रखा तब हम कुछ नहीं कर सकते थे। वेसे भी कहा जाता है की जब भी कोई देश किसी दूसरे देश पर कब्जा करता हे तो उस देश की संस्कृति और भाषा के साथ उस देश का नाम भी बदल देता हे ऐसा भारत के साथ भी किया गया। जिस दिन ये देश स्वाधीन हुआ उसी दिन देश का नाम ‘भारत’ कर देना था परंतु वजाए उस गलती को ठीक करने की बजाए हमने इस ‘INDIA’ नाम को ही अपनी पहचान स्वीकार कर लिया। अपने बेंको सार्वजनिक कंपनियों अपनी योजनाओं के नाम इसी नाम से जोड़ कर उसे पूरी तरह स्वीकार कर लिया। पर क्या सचमे ‘INDIA’ शब्द हमारी असल पहचान हे क्या आप ऐसे किसी देश को जानते हें जो अपनेको गुलाम बनाने वालों के दिए गए नाम को ढोता फिर रहा हो, कौनसा ऐसा देश को जिसका नाम उसकी संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं।
जो काँग्रेस आज सरकार पर आरोप लगा रही हे की विपक्ष के गठबंधन के नाम से घबराकर सरकार देश का नाम बदलना चाहती हे उसी कॉंग्रेस के पूर्व सांसद 2012 में बिल लाकर ‘India; नाम बदलकर ‘भारत’ करने की मांग की थी।
‘India’ शब्द गुलामी का प्रतीक हे तो इसे बदला जाना चाहिए।
पिछले काफी समय से मोदी सरकार ने अंग्रेजों के काल की परंपराओं को बदल हे। बीटिंग रिट्रीट धुन को बदल गया हे, राष्ट्रपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया हे, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ओर प्रधानमंत्री के प्लॅन पर ‘भारत’ शब्द जोड़ा गया।

भारत के नाम का इतिहास : विष्णु पुराण में ये वर्णित हे कि ‘ समुद्र के उत्तर में और हिमालय के दक्षिण में जो पवित्र भूभाग स्थित है, उसका नाम भारतवर्ष है जहां भरत की संतति निवास करते हैं। ’
विष्णु पुराण में ये भी वर्णित हे की ऋशवदेव ने जब वनवास किया तब उन्होंने अपने सबसे बड़े पुत्र भरत को अपना उतराधिकार सौंप दिया। माना ताजा हे की उन्ही के नाम पर देश का नाम ‘भारत’ पड़ा।

ये भी माना जाता हे की हस्तिनापुर के महाराज दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भरत के नाम पर देश का नाम भारत रखा गया।
वहीं भरत नाम के एक महान चक्रवर्ती सम्राट भी हुए, जिन्हे चारों दिशाओं की भूमि का स्वामी कहा जाता था। ये भी दावा किया जाता हे की सम्राट भरत के नाम पर ही देश का नाम भारतवर्ष रखा गया। संस्कृत में ‘वर्ष’ शब्द का अर्थ इलाका या हिस्सा भी होता है।

इसके अलावा सबसे प्रसिद्ध मान्यता ये हे की दशरथ पुत्र प्रभु श्री राम के अनुज भरत के नाम पर इस देश का नाम भारत हुआ। भरत ने श्री राम के वनवास चले जाने के बाद उनकी खाँड़ाऊँ को सिंहासन पर रखकर राजकाज संभाला लेकिन काभी स्वयं राजा नही बने, भरत के इसी त्याग और निस्वार्थ प्रेम ने उन्हे एक महान राजा बनाया उन्ही के नाम पर देश का नाम भारत रखा गया।
वहीं एक मान्यता यह भी हे की ‘ नाट्यशास्त्र ’ में जिन भरतमुनी का उल्लेख हे उन्ही के नाम पर देश का नाम भारत रखा गया।
इसी तरह मतस्य पुराण में भी उल्लेख हे की मनु को प्रजा को जन्म देने वाले वर और उसका भरण-पोषण करने के कारण भरत कहा गया।

ये इतिहास हे देश के भारत नाम होने का ये मान्यताएं और तथ्य हें इस नाम के पीछे।

Posted by – Anirudh Kumar
anirudhkumar9625@gmail.com

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