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14th August Black Day/ 14 अगस्त – वो त्रासदी जिसमें 10 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई।

15 अगस्त 1947 इस दिन को किसी परिचय की जरुरत नहीं है, ये वही दिन है जब सेंकडो वर्षो बाद देश को स्वाधीनता प्राप्त हुई। हमारे एक दिन पहले यानी 14 अगस्त हमारा पड़ोसी पाकिस्तान अपनी आजादी या माने की स्थापना दिवस को मनाता है। पर भारत के लिए ये दिन एक त्रासदी की स्मृति के तौर पर मनाया जाता है।

1947 का भारत विभाजनमानव इतिहास की दस सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है।

भारत विभाजन की भूमिका कैसे रखी गई

1906 में अस्तित्व में आई मुस्लिम लीग टू नेशन थ्योरी की विचारधारा पर बनी थी। शुरुआती दौर में इसका प्रभाव भारतीय मुस्लिम समाज पर कम था। पर समय के साथ भारत के मुस्लिम गांधी की विचारधारा वाली कांग्रेस से दूर होने लगे ऐसे में उनके पास सिर्फ मुस्लिम लीग का ही विकल्प था। कभी सेकुलर रहा जिन्ना अब मुसलमानों का नेता बना घूम रहा था। जिन्ना एक अलग मुस्लिम राष्ट्र का घोर समर्थक था। कुछ ही वर्षों में जिन्ना की बदौलत मुस्लिम लीग ने अच्छा खासा समर्थन प्राप्त कर लिया। भारत के हिंदुओ ओर मुस्लिमों के बीच मतभेद अब मनभेद में बदल गए थे। अंग्रेजो ने भी इस आग में घी डालने का काम किया ओर मुस्लिमों को पृथक निर्वाचन क्षेत्र ( separate electorate ) देने का कानून पारित कर दिया। अंग्रेजों के इस निर्णय ने तत्कालीन कांग्रेस को और चिंता में डाल दिया। जिसके बाद मुस्लिम तुष्टिकरण के और अधिक प्रयासों के बाद भी गांधी और कांग्रेस मुसलमानों का विस्वास जीतने में असफल रहे, कारण स्पष्ट था मुस्लिम अब एक अलग मुस्लिम देश की मांग का समर्थन करने लगे थे। इस्लामिक कट्टरता और हिंदुओ के प्रति नफरत अपनी चरम पर थी। आए दिन दंगे फसादों ने देश का माहौल बिगाड़ के रख दिया। जहां मुस्लिम बहुसंख्यक में होते वहां हिंदू सुरक्षित न रहते।

पाकिस्तान की मांग ।

1930 में पहली बार अलामा इकबाल ने मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग की। ये वही इकबाल हैं जिन्होंने ” सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ” तराना लिखा था।

1932 में चोधरी रहमत अली ने इस प्रस्तावित देश को नया नाम दे दिया ” पाकिस्तान ” ।

विभाजन की विभीषिका ।

पार्टीशन पर आम सहमति बन चुकी थी 18 जुलाई 1947 में तत्कालीन वायसराय माउंट बेटन ने योजना को क़ानूनी रूप देने के लिए ब्रिटिश पार्लियामेंट में एक एक्ट बनाया जिसका नाम था ” इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 ” पार्लियामेंट ने कानून ब्रिटेन के शाही दरवार भेज दिया और प्रस्ताव पारित होने पर भारत का विभाजन कर दिया। ब्रिटिश अफसर साइरिल रेडक्लिफ जो कभी भारत नही आया उसने भारत का विभाजन कर सीमाएं तय करदी। 14 अगस्त को पहले पाकिस्तान बना अगले दिन 15 अगस्त को भारत को आज़ादी मिली।

भारत विभाजन की त्रासदी

भारत का विभाजन मानव इतिहास के लिए एक भयाबह घटना थी। 10 लाख से अधिक लोग इस आपदा में मरे गए। लाखों लोग हमेशा के लिए बेघर और अनाथ हो गए अनगिनत माताओं और बहनों की अस्मिता लूटी जा रही थी। न जाने कितने गाँव कबीले उजड़ गए न जाने कितने शरणार्थी उस बंटबारे की लकीर को पार करने से पहले ही मुस्लिम कट्टरपंतियों द्वारा मारे गए। पाकिस्तान से आने वाली एक के बाद एक ट्रेनों के डिब्बों में हिंदू और सिखों की लाशों का अंबार आ रहा था। महिलाओं ओर बच्चियों के अस्मिता लूट चुके मृत शरीरों का दृश्य आत्मा को झकझोर के रख देने वाला था। हिंदू और सिखों की लाशों से भरे ट्रेनों के डब्बों पर ” पाकिस्तान की तरफ से तौफा ” जैसी बातें लिखी होती थी। हिंदुओ ओर सिखों पर हो रहे जिहादियों के हमले पूरी दुनिया मौन होकर देख रही थी। सभी की संवेदनाएं शून्य हो चुकी थी। लोग अपना सब कुछ छोड़कर बस सकुशल भारत आ जाना चाहते थे। हजारों बच्चे अपने परिवारों से बिछड़ गए। बहुत सारे नन्ही सी ही उम्र में ही अनाथ हो गए।

भारत ने अपना दायित्व निभाया और इतने बड़े शरणार्थी संकट ओर अस्थिरता के बावजूद प्रत्येक शरणार्थी को सम्मानपूर्वक शरण दी।

हम 14अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (पार्टीशन हॉरर रेमेम्ब्रांस डे) के रूप में मानते हैं।

हमने क्या खोया ।

हमारी सभ्यता की पहचान जिनका हमारे ऋग्वेद में सबसे ज्यादा उल्लेख हे वो माँ सिंधू जिनकी बजह से हमारे पूर्वज हिन्दू कहलाये वो पाकिस्तान के हिस्से में चली गई।

हमारी हजारों वर्ष पूर्व उन्नत और महान सभ्यता का एक मात्र प्रमाण मोहन्जोदारो उस पार चला गया।

हमारे महान आचार्य चाणक्य का तक्षशीला, शारदा मठ, श्री करतारपुर साहिब, कटासराज मंदिर, माँ हिंगलाज मंदिर ( ब्लूचिस्तान ) जैसे कई महत्वपूर्ण स्थान हमसे दूर हो गए।

वर्तमान में हम कहां हैं ।

एक ही साथ आजाद होने के बावजूद दोनो देशों में बहुत अंतर हे। आज भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा हैं। भारत के पास विश्व की चौथीं सबसे बड़ी आर्मी है। भारत तकनीक के हर क्षेत्र में सबसे आगे है। भारतीय मूल के लोग विदेशों में विभिन्न क्षेत्रों का नेतृत्व कर करे हैं। भारत का धर्म, योग, कला, संगीत, दर्शन, कौशल, व्यंजन सारे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। इसका कारण है भारत का विविधता में एकता का संदेश। भारत अपने हर नागरिक को समान अधिकार देता है। यही हमारे राष्ट्र की शक्ति है ।

ओर वहीं आज पाकिस्तान दुनिया के नक्से पर सिर्फ आतंकवाद के लिए जाना जाता है। जहां सारी दुनिया आगे बढ़ रही हे। वहीं पाकिस्तानी नेता और जनता आज भी अपने आप को सबसे बड़ा मुसलमान साबित करने की होड़ करते हैं। पाकिस्तान ने अपने अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं दिए। बल्कि उनपर हर तरह के अत्याचार किए, कभी उनकी बच्चियों का अपहरण कर उनका जबरदस्ती धर्मपरिवर्तन करा दिया। कभी किसी को झूठे आरोंपो में मार दिया। कभी अल्पसंख्यकों की संपत्ति पार कब्जा कर लिया। इन्हीं सब कारणों से आज पाकिस्तान एक असफल राष्ट्र है ।

Posted by – अनिरुद्ध कुमार


14th August Black Day/ 14 अगस्त – वो त्रासदी  जिसमें 10 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई।

Radhe Radhe kyo bolte hai ? /

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