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Parshuram ji Birthplace/ इंदौर के पास है भगवान परशुराम जी का जन्मस्थल ।

जानापाव पर्वत पर हुआ था भगवान परशुराम जी का जन्म

मध्यप्रदेश के शहर इंदौर से 28 किमी की दूरी पर स्थित हे जानापाव पर्वत यहां भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम जी का जन्म यहां हुआ था । यहां पर परशुराम जी के पिता ऋषि जमदग्नि का आश्रम था ।

कहते हैं की प्राचीन काल में इंदौर के पास मुंडी गांव में स्थित रेणुका पर्वत पर माता रेणुका रहती थीं । भगवान परशुराम ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पांचवे पुत्र थे। भगवान परशुराम बचपन में ही शिक्षा ग्रहण करने के लिए कैलाश पर्वत चले गए थे। जहां भगवान शंकर और माता पार्वती ने उन्हें पुत्र के समान रखा और शस्त्र –शास्त्र का ज्ञाता बनाया।

कैसा हे जानापाव –सात नदियों का उद्गम स्थल है जानापाव

पवित्र तीर्थ स्थल जानापाव को सात नदियों का उद्गम स्थल भी कहा जाता हे। यहां सात नदियां चोरल, मोरल, कारम, अजनार, गंभीर, चंबल, और उतेड़िया नदियां निकलती हैं। ये नदियां चंबल में होती हुई यमुना और गंगा से मिलती हैं और बंगाल की खाड़ी में जाती हैं या समाती हैं, कारम नदी का पानी नर्मदा में मिलता है, हर साल यहां कार्तिक मास में मेला लगता है, यहां से निकलने वाली इन नदियों के उद्गम स्थल पर कुंड बनाने की योजना है।

यहां हो जाती हे सारी बाधाएं दूर

ऐसी मान्यता है की ब्रह्मकुंड में बाहरी बाधा से पीड़ित लोग आकर स्नान करते हैं और ठीक हो जाते हैं। प्राचीन समय से यहां साधु संत रहते आ रहे हैं। विशेष पर्वों में यहां दूर–दूर से लोग आते हैं। यहां भगवान परशुराम की की जयंती प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया पर मनाई जाती है।

पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा

साल 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान परशुराम जयंती पर जानापाव आए थे। यहां पर उन्होंने कई घोषणाएं की थी। सीएम न यहां मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ ही परशुराम की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही थी। साथ ही इस स्थान को प्रदेश के बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और सीएम तीर्थ दर्शन योजना में जानापाव को शामिल करने की घोषणा की थी। उन्होंने यहां यज्ञ और हवन पूजन किया था।

Posted By – अनिरुद्ध कुमार

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