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ज्ञानवापी मुद्दा : ‘सुप्रीम’ आदेश के बाद ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे रोका गया, अब दो दिन बाद होगा शुरू

ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे को रोक दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन तक सर्वे पर रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष को झटका दिया है। साथ ही मुस्लिम पक्ष से हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है।

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हाईकोर्ट के आदेश पर टिका एएसआई सर्वे का भविष्य 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद  मसाजिद कमेटी ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे पर रोक लगाने से संबंधित याचिका आज शाम तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने हर हाल में 26 जुलाई की शाम 5 बजे से पहले ज्ञानवापी सर्वे पर हाईकोर्ट को अपना आदेश पारित करने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश  पर अब ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे का भविष्य टिका दिख रहा है। इधर, हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले विष्णु शंकर जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वे पर जिला न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है और इलाहाबाद कोर्ट को मामले पर नए सिरे से फैसला करने के लिए कहा है। हम अपनी दलील हाईकोर्ट में रखेंगे। मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया और कहा कि वहां खुदाई शुरू हो गई है, जो सच नहीं है।

जिला जज की अदालत में चार अगस्त को पेश करनी है सर्वे रिपोर्ट

बीते 21 जुलाई को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य स्थान के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया है। एएसआई को चार अगस्त तक अदालत के समक्ष सर्वे रिपोर्ट पेश करनी है।

डीजीपीएस मशीन से परिसर का नाप-जोख

ज्ञानवापी परिसर से बाहर निकले हिंदी पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि सर्वे में मुस्लिम पक्ष ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। बताया कि  एएसआई की टीम पश्चिम दीवार और बाहरी हिस्सों में डीजीपीएस नामक आधुनिक मशीनों से नाप-जोख कर रही थी। अभी काम शुरू ही हुआ था कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे का ऑर्डर आ गया।

सर्वे की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकी गई-मंडलायुक्त

मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के ज्ञानवापी सर्वे केस में एएसआई को 26 जुलाई तक सर्वे रोकने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। जिसके क्रम में सर्वे की कार्रवाई 26 जुलाई शाम तक तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। सर्वे रोक दिया गया है। 

मंडलायुक्त बोले- हमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं

मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि सुबह सात बजे शुरू हुआ सर्वे का काम शाम पांच बजे तक चलेगा। फिलहाल, हमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। वहां हमारे राज्य सरकार और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मौजूद हैं। वह हमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी देंगे तो उसके अनुसार काम किया जाएगा।

हिंदू पक्ष के अधिवक्ता बोले- सर्वे से ही ज्ञानवापी का सच पता चलेगा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ज्ञानवापी प्रकरण में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि देश की शीर्ष अदालत ने सर्वे पर दो दिन तक स्टे लगाते हुए मसाजिद कमेटी को हाईकोर्ट जाने को कहा है। हम भी हाईकोर्ट जाएंगे और मसाजिद कमेटी की याचिका पर आपत्ति दर्ज कराएंगे। ज्ञानवापी का सच तभी सामने आएगा जब इसका एएसआई की टीम वैज्ञानिक सर्वे करेगी। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट को इस मामले में फैसला लेना है। 

ज्ञानवापी में सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष को झटका

ज्ञानवापी परिसर के सर्वे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज के फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि वाराणसी कोर्ट के पूरे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर (वजूखाना को छोड़कर) के एएसआई सर्वेक्षण की अनुमति देने वाले आदेश को 26 जुलाई को शाम 5 बजे के बाद ही लागू किया जाए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है। मुस्लिम पक्ष की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। 

दीवारों को मशीनों से स्कैन किया गया

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे जारी है। नींव के आसपास के ईंट-पत्थर के टुकड़े सैंपल के तौर पर लिए गए हैं। सभी जगह की फोटो ली गई है। पूरे परिसर की नापजोख की गई है। कुछ मशीनों से दीवारों को स्कैन किया गया है। साथ ही दीवारों पर कागज लगा कर उनका सैंपल लिया गया। 

पूरे ज्ञानवापी परिसर की पैमाइश

सूत्रों के मुताबिक, 43 सदस्यीय एएसआई टीम ने शुरुआती दो घंटे में पूरे ज्ञानवापी परिसर की पैमाइश की। वजूस्थल को छोड़कर परिसर के हर पत्थर और ईंट की ऊंचाई नापी गई। दीवारों की फोटो-वीडियोग्राफी कराई गई। 

सभी मंदिरों में पूरी सुरक्षा व्यवस्था

डीसीपी रामसेवक गौतम ने बताया कि मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर किसी भी प्रकार के दो पहिए और चार पहिए वाहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाई गई है। पार्किंग की व्यवस्था की गई है और साथ ही बैरिकेडिंग भी की गई है ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी ना हो। सभी श्रद्धालु अच्छी तरह से पूजन-दर्शन कर रहे हैं। सभी मंदिरों में पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

एएसआई की टीम चार भागों में बंटी

ज्ञानवापी परिसर का निरीक्षण कार्य दूसरे घंटे भी जारी है। 43 सदस्यीय एएसआई की टीम चार भाग में बंटकर परिसर की जांच कर रही है। इसमें मस्जिद की उम्र का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। 

झाड़ू और फावड़े से लेकर अत्याधुनिक मशीनें

सर्वे के काम लिए झाड़ू और फावड़े से लेकर अत्याधुनिक मशीनें तक अंदर ले जाई गई हैं। काशी विश्वनाथ धाम का गेट नंबर चार पहले की ही भांति बंद है। श्रद्धालु उसके बगल से पूर्व की तरह दर्शन पूजन के लिए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन भी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में हैं। 

सर्वे का काम शुरू करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति

आधुनिक मशीनों संग ज्ञानवापी पहुंची एएसआई की 43 सदस्यीय टीम अभी परिसर का निरीक्षण कर रही है। मुस्लिम पक्ष का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है। मुस्लिम पक्ष की गैरमौजूदगी के कारण सर्वे का काम शुरू करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। सर्वे के काम में सहयोग के लिए पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग की टीम को भी लगाया गया है।

पांच से छह दिन में पूरा हो सकता है परिसर का सर्वे

इसके बाद सर्वे में सामने आने वाले हर छोटी से छोटी वस्तु को बतौर प्रमाण जुटाएंगे। एएसआई की टीम पांच से छह दिन में पूरे परिसर का सर्वे पूरा कर सकती है। ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे से दुनिया के सामने सच सामने आएगा। बड़े विवाद के हल की उम्मीद भी बंधी है। 

वैज्ञानिक तरीके से सर्वे शुरू

वाराणसी में जिला जज की अदालत के आदेश पर एएसआई की टीम ने सोमवार की सुबह से ज्ञानवापी परिसर में वैज्ञानिक तरीके से सर्वे शुरू कर दिया। इसमें देश के कई शहरों के एएसआई के विशेषज्ञ रविवार की रात वाराणसी पहुंच गए थे। सुबह सबसे पहले टीम के सदस्य ज्ञानवापी के चारों तरफ ट्रेंच लगाएंगे।

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