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‘परमाणु वैज्ञानिक बनने के लिए पढ़ी श्रीमदभगवत गीता’, हॉलीवुड मूबी ‘ओपेनहाइमर’ के एक्टर सिलियन मर्फी का खुलासा

दूसरे विश्वयुद्ध में परमाणु विध्वंस पर बनी हॉलीवुड मूवी ” ओपनहाइमर” के अभिनेता सिलियन मर्फी ने एक इंटरव्यू में कहा ” मेने फिल्म की तैयारी के लिए श्रीमद्भागवत गीता पढ़ी, मुझे लगा ये बहुत सुंदर पाठ था, यह मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक था, मुझे इसकी आवश्यकता थी, श्रीमदभगवत गीता ने मुझे शांति प्रदान की । “
दरअसल यह मूवी परमाणु बम के जनक ओर महान वैज्ञानिक रॉबर्ट ओपनहाइमर के ऊपर बनी हे ।


कौन हे ओपनहाइमर और द्वितीय विश्व युद्ध में इनका क्या योगदान था जानने के लिए आगे पढ़िए

इनका पूरा नाम जूलियस रॉबर्ट ओपनहाइमर था। इनका जन्म 22 अप्रैल 1904 में अमेरिका में हुआ । ये थ्योरेटिकल फिजिसिस्ट और द्वितीय विश्व युद्ध के समय लॉस एंजेलिस लेबोरेटरी के डायरेक्टर थे ।

द्वितीय विश्व युद्ध मित्र राष्ट्रों ओर धुरी राष्ट्रों के मध्य शुरू हुआ। जहां धुरी राष्ट्रों में इटली, जर्मनी, जापान जैसे देश सामिल थे वहीं मित्र राष्ट्रों में सोवियत संघ, ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका जैसे देश शामिल थे ।
जापान की उभरती शक्ति को नष्ट करने के लिए अमेरिका ने जापान पर परमाणु हथियार से हमला करने का निर्णय किया, ओर इसका दायित्व जूलियस रॉबर्ट ओपनहाइमर को सौंपा गया । अमेरिका ने अपने इस ऑपरेशन को “मेनहेटन प्रोजेक्ट” नाम दिया।
16 जुलाई 1945 को परमाणु बम के सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद ओपनहाइमर ने अपने एक इंटरव्यू में हिंदू ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता का उदाहरण देते हुए कहा ” मुझे भागवत गीता का वो श्लोक याद आ रहा हे जिसमे भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को संबोधित करते हुए कहते हे – यदि सृजन में हू तो विध्वंस भी में हूं । “

कब ओर कहां हुआ इतिहास का पहला परमाणु हमला

सफल प्रयोग के बाद 6 अगस्त 1945 ओर पहला परमाणु बम जापान के शहर हिरोशिमा में गिराया गया और ठीक तीन दिनों के बाद दूसरा परमाणु बम 9 अगस्त को नागासाकी में गिराया गया था ।
यह अबतक के इतिहास का पहला ओर अंतिम परमाणु हमला हे

– अनिरुद्ध परसाई

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